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अथर्ववेद

Kanda 10 • Sukta 8 • Mantra 38

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 10 • सूक्त 8 • मन्त्र 38

10.8.38

Mantra ID: 10.8.38

वेदा॒हं सूत्रं॒ वित॑तं॒ यस्मि॒न्नोताः॑ प्र॒जा इ॒माः । सूत्रं॒ सूत्र॑स्या॒हं वे॒दाथो॒ यद्ब्राह्म॑णं म॒हद् ॥ (३८)

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अथर्ववेद मन्त्र 10.8.38 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मैं उस विस्तृत धागे अर्थात्‌ परमात्मा को जानता हूं, जिस में ये सारी प्रजाएं पिरोई हुई हैं. मैं इस संसार रूपी विस्तृत सूत्र के मूल कारण को जानता हूं, जो महान ब्रह्म अथवा विशाल वेद मंत्रों का समूह हैं. (३८)

EN English Translation

I know the broad thread, that is, God, in which all these subjects are threaded. I know the root cause of this world-wide formula, which is the great Brahman or the set of huge Veda mantras. (38)

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