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अथर्ववेद

Kanda 11 • Sukta 6 • Mantra 9

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 11 • सूक्त 6 • मन्त्र 9

11.6.9

Mantra ID: 11.6.9

या ते॑ प्राण प्रि॒या त॒नूर्यो ते॑ प्राण॒ प्रेय॑सी । अथो॒ यद्भे॑ष॒जं तव॒ तस्य॑ नो धेहि जी॒वसे॑ ॥ (९)

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अथर्ववेद मन्त्र 11.6.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे प्राण देव! तुम्हारा प्रिय जो शरीर है एवं प्राण, अपान अर्थात्‌ अग्नि और सोम रूपी तुम्हारी जो दो प्रियाएं हैं तथा जो तुम्हारी अमरता प्रदान करने वाली ओषधि है, इन सब से हमें जीवन के अमृत का साधन ओषधि प्रदान करो. (९)

EN English Translation

O Life God! With your beloved body and life, apana i.e. agni and soma, your two beloved and which is your immortal medicine, give us medicine, the means of nectar of life. (9)

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