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अथर्ववेद

Kanda 12 • Sukta 1 • Mantra 50

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 12 • सूक्त 1 • मन्त्र 50

12.1.50

Mantra ID: 12.1.50

ये ग॑न्ध॒र्वा अ॑प्स॒रसो॒ ये चा॒रायाः॑ किमी॒दिनः॑ । पि॑शा॒चान्त्सर्वा॒ रक्षां॑सि॒ तान॒स्मद्भू॑मे यावय ॥ (५०)

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अथर्ववेद मन्त्र 12.1.50 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे पृथ्वी! गंधर्व, अप्सरा, राक्षस, मांसभक्षी, पिशाच आदि को हम से दूर करो. (५०)

EN English Translation

O earth! Remove Gandharva, Apsara, Rakshas, Carnivores, Vampires etc. from us. (50)

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