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अथर्ववेद

Kanda 16 • Sukta 1 • Mantra 8

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 16 • सूक्त 1 • मन्त्र 8

16.1.8

Mantra ID: 16.1.8

यो व॑ आपो॒ऽग्निरा॑वि॒वेश॒ स ए॒ष यद्वो॑ घो॒रं तदे॒तत् ॥ (८)

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अथर्ववेद मन्त्र 16.1.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे जल! जो अग्ने तुम में प्रविष्ट हुई है वह तुम्हारा भयानक भाग है. (८)

EN English Translation

O water! What has entered you is your terrible part. (8)

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