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16.3.5
बृह॒स्पति॑र्मआ॒त्मा नृ॒मणा॒ नाम॒ हृद्यः॑ ॥ (५)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
अथर्ववेद मन्त्र 16.3.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हर्ष देने वाले, अनुग्रह करने वाले तथा मन को लगाने वाले बृहस्पति मेरी आत्मा हैं. (५)
EN English Translation
Jupiter, who gives joy, grace and puts the mind, is my soul. (5)