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अथर्ववेद

Kanda 16 • Sukta 6 • Mantra 3

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 16 • सूक्त 6 • मन्त्र 3

16.6.3

Mantra ID: 16.6.3

द्वि॑ष॒तेतत्परा॑ वह॒ शप॑ते॒ तत्परा॑ वह ॥ (३)

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अथर्ववेद मन्त्र 16.6.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे देव! आप उसे भय को प्राप्त कराएं जो हमसे द्वेष करता है तथा हमारी निन्दा करता है. (३)

EN English Translation

O God! May you get the fear that hates us and condemns us. (3)

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