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अथर्ववेद

Kanda 19 • Sukta 40 • Mantra 4

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 19 • सूक्त 40 • मन्त्र 4

19.40.4

Mantra ID: 19.40.4

या नः॒ पीप॑रद॒श्विना॒ ज्योति॑ष्मती॒ तम॑स्ति॒रः । ताम॒स्मे रा॑सता॒मिष॑म् ॥ (४)

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अथर्ववेद मन्त्र 19.40.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अश्विनीकुमारो! सभी व्यवहारों को बाधा पहुंचाने वाला अंधकार हमारे पास आए. प्रकाश वाली रात उस अंधकार का तिरस्कार करे. हमें इस प्रकार की प्रकाश युक्त रात्रि प्रदान करो. (४)

EN English Translation

O Ashwini Kumar! Let the darkness that hinders all behaviour come to us. Let the night of light despise that darkness. Give us this kind of light night. (4)

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