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अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 1 • Mantra 1

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 1 • मन्त्र 1

20.1.1

Mantra ID: 20.1.1

इन्द्र॑ त्वा वृष॒भं व॒यं सु॒ते सोमे॑ हवामहे । स पा॑हि॒ मध्वो॒ अन्ध॑सः ॥ (१)

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अथर्ववेद मन्त्र 20.1.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे कामनाओं की वर्षा करने वाले इंद्र! हम यजमान निचोड़े हुए सोम को पीने के लिए तुम्हें बुलाते हैं. तुम मधुर सोम का पान करो. (१)

EN English Translation

O Indra, who showers desires! We call you to drink the host squeezed Mon. You drink sweet soma. (1)

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