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अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 126 • Mantra 9

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 126 • मन्त्र 9

20.126.9

Mantra ID: 20.126.9

अ॒वीरा॑मिव॒ माम॒यं श॒रारु॑र॒भि म॑न्यते । उ॒ताहम॑स्मि वी॒रिणीन्द्र॑पत्नी म॒रुत्स॑खा॒ विश्व॑स्मा॒दिन्द्र॒ उत्त॑रः ॥ (९)

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अथर्ववेद मन्त्र 20.126.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

यह अनिष्टकारी पुरुष मुझे वीर रहित मान रहा है. मैं शूर की पत्नी हूं. मेरे पति मरुद्गण के मित्र हैं. इंद्र सब की अपेक्षा श्रेष्ठ हैं. (९)

EN English Translation

This evil man is considering me without heroism. I am Shur's wife. My husband is a friend of Marudgan. Indra is superior to everyone. (9)

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