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20.37.3
त्वं धृ॑ष्णो धृष॒ता वी॒तह॑व्यं॒ प्रावो॒ विश्वा॑भिरू॒तिभिः॑ सु॒दास॑म् । प्र पौरु॑कुत्सिं त्र॒सद॑स्युमावः॒ क्षेत्र॑साता वृत्र॒हत्ये॑षु पू॒रुम् ॥ (३)
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अथर्ववेद मन्त्र 20.37.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे इंद्र! तुम्हारा वज्र शत्रुओं को वश में करने वाला है. तुम ने अपने इस वज्र से वीतहव्य और सुदास नाम के राजाओं की रक्षा की. तुम ने इसी वज्र से संग्राम में पुरकुत्स के पुत्र त्रसदस्यु और पुरु की रक्षा की. (३)
EN English Translation
O Indra! Your thunderbolt is going to control enemies. You protected the kings named Veethavya and Sudas with this thunderbolt of yours.