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20.56.4
मदे॑मदे॒ हि नो॑ द॒दिर्यू॒था गवा॑मृजु॒क्रतुः॑ । सं गृ॑भाय पु॒रु श॒तोभ॑याह॒स्त्या वसु॑ शिशी॒हि रा॒य आ भ॑र ॥ (४)
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अथर्ववेद मन्त्र 20.56.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे इंद्र! तुम्हारा यश सरलता से सभी ओर फैल जाता है. तुम प्रसन्न हो कर हमें गाएं प्रदान करते हो. तुम हमें उत्तम धन दो. (४)
EN English Translation
O Indra! Your fame easily spreads all over. You are happy and give us songs. You give us the best money. (4)