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अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 74 • Mantra 7

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 74 • मन्त्र 7

20.74.7

Mantra ID: 20.74.7

सर्वं॑ परिक्रो॒शं ज॑हि ज॒म्भया॑ कृकदा॒श्वम् । आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ ॥ (७)

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शास्त्र जिज्ञासा: इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 20.74.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

📜 वैदिक संदर्भ

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! कृकदाश्व को नष्ट करो तथा परिकोश को हटाओ. हमारे अश्व, गौ आदि प्राणियों से तुम परिकोश को दूर करो. (७)

EN English Translation

O Indra! Destroy the universe and remove the angel. Remove the angel from our horses, cows etc. (7)

🕉️ शास्त्र जिज्ञासा