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अथर्ववेद

Kanda 3 • Sukta 29 • Mantra 6

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 3 • सूक्त 29 • मन्त्र 6

3.29.6

Mantra ID: 3.29.6

इरे॑व॒ नोप॑ दस्यति समु॒द्र इ॑व॒ पयो॑ म॒हत् । दे॒वौ स॑वा॒सिना॑विव शिति॒पान्नोप॑ दस्यति ॥ (६)

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अथर्ववेद मन्त्र 3.29.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

यज्ञ में दी गई सफेद पैरों वाली भेड़ सागर के जल के समान कभी क्षीण नहीं होती और इस का दूध बढ़ता ही जाता है. अश्विनीकुमारों के समान यह भेड़ कभी क्षीण नहीं होती. (६)

EN English Translation

The white-footed sheep given in the yajna never weakens like the water of the sea and its milk continues to grow. Like ashwini kumars, this sheep never weakens. (6)

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