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अथर्ववेद

Kanda 5 • Sukta 14 • Mantra 9

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 5 • सूक्त 14 • मन्त्र 9

5.14.9

Mantra ID: 5.14.9

कृत॑व्यधनि॒ विद्य॒ तं यश्च॒कार॒ तमिज्ज॑हि । न त्वामच॑क्रुषे व॒यं व॒धाय॒ सं शि॑शीमहि ॥ (९)

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अथर्ववेद मन्त्र 5.14.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे संहार का साधन कृत्या! जिस ने तेरा निर्माण किया है, तू उसी का छेदन कर के मार डाल. जिस ने तेरा निर्माण नहीं किया है, उस के वध के निमित्त हम तुझे शक्तिशालिनी नहीं बनाते. (९)

EN English Translation

O act of destruction! He who created you, pierce him and kill him. We do not make you powerful for the slaughter of him who has not created you. (9)

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