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5.18.14
अ॒ग्निर्वै नः॑ पदवा॒यः सोमो॑ दाया॒द उ॑च्यते । ह॒न्ताभिश॒स्तेन्द्र॒स्तथा॒ तद्वे॒धसो॑ विदुः ॥ (१४)
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अथर्ववेद मन्त्र 5.18.14 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
अग्नि हमें हमारे पदों तक पहुंचाता है और सोम हमारा दायाद कहा जाता है. इंद्र हमारी ओर से मारने वाले एवं घायल करने वाले हैं. (१४)
EN English Translation
Agni leads us to our positions and Som is called our dayad. Indra is the one who kills and injures us. (14)