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अथर्ववेद

Kanda 5 • Sukta 2 • Mantra 6

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 5 • सूक्त 2 • मन्त्र 6

5.2.6

Mantra ID: 5.2.6

नि तद्द॑धि॒षेऽव॑रे॒ परे॑ च॒ यस्मि॒न्नावि॒थाव॑सा दुरो॒णे । आ स्था॑पयत मा॒तरं॑ जिग॒त्नुमत॑ इन्वत॒ कर्व॑राणि॒ भूरि॑ ॥ (६)

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अथर्ववेद मन्त्र 5.2.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जिस घर में उत्तम एवं साधारण प्राणियों का पालन हुआ तथा जिस घर में अन्न द्वारा उन की रक्षा की गई, उस घर में कालिका माता की गतिशील शक्ति की स्थापना करो. इस प्रकार वह घर अदभुत पदार्थो से पूर्ण हो जाएगा. (६)

EN English Translation

Establish the dynamic power of Kalika Mata in the house where the best and ordinary creatures were reared and in the house where they were protected by food. In this way, that house will be full of wonderful things. (6)

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