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अथर्ववेद

Kanda 5 • Sukta 24 • Mantra 9

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 5 • सूक्त 24 • मन्त्र 9

5.24.9

Mantra ID: 5.24.9

सूर्य॒श्चक्षु॑षा॒मधि॑पतिः॒ स मा॑वतु । अ॒स्मिन्ब्रह्म॑ण्य॒स्मिन्कर्म॑ण्य॒स्यां पु॑रो॒धाया॑म॒स्यां प्र॑ति॒ष्ठाया॑म॒स्यां चित्त्या॑म॒स्यामाकू॑त्याम॒स्यामा॒शिष्य॒स्यां दे॒वहू॑त्यां॒ स्वाहा॑ ॥ (९)

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अथर्ववेद मन्त्र 5.24.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सूर्य देव अंतरिक्ष के अधिपति अर्थात्‌ हमारे स्वामी हैं. वह हमारी रक्षा करें. वह इस वेदोक्त सहित कर्म में, प्रतिष्ठा में, संकल्प में, वेदों के आह्वान हमारी रक्षा करें. (९)

EN English Translation

Sun God is the ruler of space i.e. our master. Let him protect us. May he protect us in karma, prestige, in resolve, in the call of the Vedas, including this Vedokta. (9)

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