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अथर्ववेद

Kanda 5 • Sukta 25 • Mantra 6

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 5 • सूक्त 25 • मन्त्र 6

5.25.6

Mantra ID: 5.25.6

यद्वेद॒ राजा॒ वरु॑णो॒ यद्वा॑ दे॒वी सर॑स्वती । यदिन्द्रो॑ वृत्र॒हा वेद॒ तद्ग॑र्भ॒कर॑णं पिब ॥ (६)

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अथर्ववेद मन्त्र 5.25.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

राजा वरुण, देवी सरस्वती एवं वृत्र नाशक इंद्र जिस गर्भपोषक वस्तु को जानते हैं, उसे तू पी ले. (६)

EN English Translation

You should drink the umbilical object that King Varuna, Goddess Saraswati and Vritra Destroyer Indra know. (6)

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