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5.30.11
अ॒यम॒ग्निरु॑प॒सद्य॑ इ॒ह सूर्य॒ उदे॑तु ते । उ॒देहि॑ मृ॒त्योर्ग॑म्भी॒रात्कृ॒ष्णाच्चि॒त्तम॑स॒स्परि॑ ॥ (११)
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अथर्ववेद मन्त्र 5.30.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
यह अग्नि समीप रहने योग्य है. तेरे लिए सूर्य इसी लोक में उदय हो. तू गहरी, काली और अंधकारपूर्ण मृत्यु से निकल कर जीवन को प्राप्त हो. (११)
EN English Translation
This agni is habitable nearby. For you, let the sun rise in this world. Come out of deep, dark and dark death and attain life. (11)