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अथर्ववेद

Kanda 5 • Sukta 4 • Mantra 9

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 5 • सूक्त 4 • मन्त्र 9

5.4.9

Mantra ID: 5.4.9

उ॑त्त॒मो नाम॑ कुष्ठास्युत्त॒मो नाम॑ ते पि॒ता । यक्ष्मं॑ च॒ सर्वं॑ ना॒शय॑ त॒क्मानं॑ चार॒सं कृ॑धि ॥ (९)

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अथर्ववेद मन्त्र 5.4.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे कूठ! तुम्हारी प्रसिद्धि उत्तम है तथा तुम्हारे पिता भी उत्तम थे. तुम सभी प्रकार के राजयक्ष्मा रोगों का नाश करो तथा कुष्ठ रोग को हम से दूर भगाओ. (९)

EN English Translation

Oh my god! Your fame is good and your father was also good. You destroy all kinds of rajayaksma diseases and drive leprosy away from us. (9)

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