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6.89.1
इ॒दं यत्प्रे॒ण्यः शिरो॑ द॒त्तं सोमे॑न॒ वृष्ण्य॑म् । ततः॒ परि॒ प्रजा॑तेन॒ हार्दिं॑ ते शोचयामसि ॥ (१)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
अथर्ववेद मन्त्र 6.89.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
मुझ प्रेम प्राप्त करने वाले का जो यह शक्ति प्रदान करने वाला शीश है, वह मुझे सोम ने दिया है. उन के द्वारा उत्पन्न विशेष स्नेह से मैं तुम्हारे मन को संताप युक्त करता हूं. (१)
EN English Translation
Som has given me this power of the one who receives my love. I annoy your mind with the special affection generated by them. (1)