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7.21.2
अन्विद॑नुमते॒ त्वं मंस॑से॒ शं च॑ नस्कृधि । जुषस्व॑ ह॒व्यमाहु॑तं प्र॒जां दे॑वि ररास्व नः ॥ (२)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
अथर्ववेद मन्त्र 7.21.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अनुमति नामक देवी! तुम हमें अनुमति दो तथा हमें सुख प्राप्त कराओ. तुम सामने आ कर अगे में डाला हुआ हमारा हवि स्वीकार करो. हे देवि! पुत्र, पौत्र आदि रूप हमारी प्रजा की रक्षा करो. (२)
EN English Translation
O goddess named Permission! You allow us and make us happy. You come forward and accept our havi put in advance. O God! Protect our people in the form of sons, grandsons etc. (2)