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अथर्ववेद

Kanda 7 • Sukta 36 • Mantra 3

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 7 • सूक्त 36 • मन्त्र 3

7.36.3

Mantra ID: 7.36.3

परं॒ योने॒रव॑रं ते कृणोमि॒ मा त्वा॑ प्र॒जाभि भू॒न्मोत सूनुः॑ । अ॒स्वं त्वाप्र॑जसं कृणो॒म्यश्मा॑नं ते अपि॒धानं॑ कृणोमि ॥ (३)

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अथर्ववेद मन्त्र 7.36.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे मेरे प्रतिकूल रहने वाली नारी! मैं तेरी योनि के भीतर वाले स्थान अर्थात्‌ गर्भाशय को गर्भ धारण के अयोग्य बनाता हूं. इसीलिए तुझे कन्या रूपी संतान भी प्राप्त न हो. तुझे पुत्र संतान भी न मिले. मैं तुझे खच्चरी के समान संतान रहित बनाता हूं. मैं तेरे गर्भाशय को पत्थर से ढकता हूं. (३)

EN English Translation

O woman who is against me! I make the place inside your vagina, that is, the uterus, unfit for conception. That is why you do not even get a girl child. You don't even get a son and a child. I make you childless like a mule. I cover your uterus with a stone. (3)

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