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7.51.1
दे॒वानां॒ पत्नी॑रुश॒तीर॑वन्तु नः॒ प्राव॑न्तु नस्तु॒जये॒ वाज॑सातये । याः पार्थि॑वासो॒ या अ॒पामपि॑ व्र॒ते ता नो॑ देवीः सु॒हवाः॒ शर्म॑ यच्छन्तु ॥ (१)
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अथर्ववेद मन्त्र 7.51.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हमारी कामना करती हुई देव पत्नियां हमारी रक्षा करें तथा हमें संतान और अन्न प्रदान करने के लिए आएं. जो देव पत्नियां पृथ्वी पर रहने वाली तथा अंतरिक्ष में स्थित हैं, वे शोभन आह्वान सुन कर हमें सुख और गृह प्रदान करें. (१)
EN English Translation
Wishing us, dev wives should protect us and come to provide us children and food. The gods and wives who live on earth and are located in space, they should listen to shobhan avahan and give us happiness and home. (1)