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अथर्ववेद

Kanda 8 • Sukta 1 • Mantra 10

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 8 • सूक्त 1 • मन्त्र 10

8.1.10

Mantra ID: 8.1.10

मैतं पन्था॒मनु॑ गा भी॒म ए॒ष येन॒ पूर्वं॒ नेयथ॒ तं ब्र॑वीमि । तम॑ ए॒तत्पु॑रुष॒ मा प्र प॑त्था भ॒यं प॒रस्ता॒दभ॑यं ते अ॒र्वाक् ॥ (१०)

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अथर्ववेद मन्त्र 8.1.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे प्राणहीन पुरुष! तू मरे हुए लोगों के मार्ग पर गमन मत कर. वह मार्ग भयानक है. मैं तुझे उस मार्ग के विषय में बताता हूं, जिस मार्ग से लोग मृत्यु से पूर्व नहीं जाते हैं. तू इस मृत्युरूपी अंधकार में प्रवेश मत कर, क्योंकि यमराज की नगरी में प्रवेश करने पर भय प्रतीत होता है. हमारी ओर आने में तुझे अभय मिलेगा. (१०)

EN English Translation

O soulless man! Don't go the way of the dead. That route is terrible. I tell you about the way people do not go before death. Do not enter this darkness of death, because there is fear when you enter the city of Yamraj. You will get protection in coming towards us. (10)

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