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अथर्ववेद

Kanda 8 • Sukta 1 • Mantra 14

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 8 • सूक्त 1 • मन्त्र 14

8.1.14

Mantra ID: 8.1.14

ते त्वा॑ रक्षन्तु॒ ते त्वा॑ गोपायन्तु॒ तेभ्यो॒ नम॒स्तेभ्यः॒ स्वाहा॑ ॥ (१४)

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अथर्ववेद मन्त्र 8.1.14 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

बोध आदि तेरा पालन करें और तेरी रक्षा करें. उन बोध आदि को नमस्कार है. यह हवि उन के लिए उत्तम आहुति वाला हो. (१४)

EN English Translation

Obey you and protect you. Salutations to those realizations etc. May this be a great sacrifice for them. (14)

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