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अथर्ववेद

Kanda 8 • Sukta 10 • Mantra 7

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 8 • सूक्त 10 • मन्त्र 7

8.10.7

Mantra ID: 8.10.7

तां वसु॑रुचिः सौर्यवर्च॒सोधो॒क्तां पुण्य॑मे॒व ग॒न्धम॑धोक् ॥ (७)

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अथर्ववेद मन्त्र 8.10.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सूर्यवर्चस के पुत्र वसुरुचि ने उस का दोहन किया और पुण्यगंध को ही दुहा. (७)

EN English Translation

Vasuruchi, the son of Suryavarchas, exploited him and called punyagandha. (7)

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