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8.2.26
परि॑ त्वा पातु समा॒नेभ्यो॑ऽभिचा॒रात्सब॑न्धुभ्यः । अम॑म्रिर्भवा॒मृतो॑ऽतिजी॒वो मा ते॑ हासिषु॒रस॑वः॒ शरी॑रम् ॥ (२६)
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अथर्ववेद मन्त्र 8.2.26 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे शांति चाहने वाले पुरुष! मेरे द्वारा किया गया शांति कर्म सभी ओर से तेरा पालन करे. यह तुझे विद्या एवं ऐश्वर्य में समान अन्य मनुष्यों और संबंधियों द्वारा किए हुए जादूटोने से बचाए. तेरी मृत्यु न हो और तू अत्यधिक जीवन प्राप्त करे. प्राण तेरे शरीर का त्याग न करें. (२६)
EN English Translation
O man who wants peace! May the peace deeds done by me follow you from all sides. May it save you from witchcraft by other human beings and relatives, similar in knowledge and opulence. May you not die and have much life. Do not give up your body. (26)