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अथर्ववेद

Kanda 8 • Sukta 3 • Mantra 23

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 8 • सूक्त 3 • मन्त्र 23

8.3.23

Mantra ID: 8.3.23

वि॒षेण॑ भङ्गु॒राव॑तः॒ प्रति॑ स्म र॒क्षसो॑ जहि । अग्ने॑ ति॒ग्मेन॑ शो॒चिषा॒ तपु॑रग्राभिर॒र्चिभिः॑ ॥ (२३)

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अथर्ववेद मन्त्र 8.3.23 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि देव! विष के समान विनाशक अपने तीखे तेज से भग्नचरित्र वाले राक्षसों का विनाश करो. तुम उन्हें अपनी ताप युक्त ज्वालाओं से भी जलाओ. (२३)

EN English Translation

O God of Agni! Destroy the demons with the fractal character with your sharp ness, the poison-like destroyer. You also burn them with your heating flames. (23)

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