Popular:
अथर्ववेद

Kanda 8 • Sukta 6 • Mantra 9

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 8 • सूक्त 6 • मन्त्र 9

8.6.9

Mantra ID: 8.6.9

यः कृ॒णोति॑ मृ॒तव॑त्सा॒मव॑तोकामि॒मां स्त्रिय॑म् । तमो॑षधे॒ त्वं ना॑शया॒स्याः क॒मल॑मञ्जि॒वम् ॥ (९)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 8.6.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जो राक्षस गर्भिणी को मरे हुए पुत्र वाली बनाता है अथवा जो उसे नष्टगर्भ वाली बनाता है, हे सरसों रूपी ओषधि! तू उस दुष्ट का विनाश कर तथा इस के गर्भ द्वार को स्पष्ट कर. (९)

EN English Translation

The demon who makes the pregnant woman with a dead son or who makes her a destroyed woman, O mustard medicine! Destroy the wicked one and make clear his womb. (9)

卐 HinduText AI