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अथर्ववेद

Kanda 8 • Sukta 7 • Mantra 13

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 8 • सूक्त 7 • मन्त्र 13

8.7.13

Mantra ID: 8.7.13

याव॑तीः॒ किय॑तीश्चे॒माः पृ॑थि॒व्यामध्योष॑धीः । ता मा॑ सहस्रप॒र्ण्यो मृ॒त्योर्मु॑ञ्च॒न्त्वंह॑सः ॥ (१३)

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अथर्ववेद मन्त्र 8.7.13 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

पृथ्वी पर जितनी भी हजार पत्तों वाली जड़ीबूटियां हैं, वे मुझे मृत्यु एवं पाप से बचाएं. (१३)

EN English Translation

May all the thousand leaf herbs on earth save me from death and sin. (13)

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