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अथर्ववेद

Kanda 8 • Sukta 7 • Mantra 3

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 8 • सूक्त 7 • मन्त्र 3

8.7.3

Mantra ID: 8.7.3

आपो॒ अग्रं॑ दि॒व्या ओष॑धयः । तास्ते॒ यक्ष्म॑मेन॒स्यमङ्गा॑दङ्गादनीनशन् ॥ (३)

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अथर्ववेद मन्त्र 8.7.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे रोगी पुरुष! जो पवित्र जल और दिव्य जड़ीबूटियां हैं, वे तेरे शरीर के प्रत्येक अंग से यक्ष्मा रोग का विनाश कर दें. (३)

EN English Translation

O patient man! May the holy water and divine herbs destroy tuberculosis from every part of your body. (3)

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