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अथर्ववेद

Kanda 8 • Sukta 9 • Mantra 1

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 8 • सूक्त 9 • मन्त्र 1

8.9.1

Mantra ID: 8.9.1

कुत॒स्तौ जा॒तौ क॑त॒मः सो अर्धः॒ कस्मा॑ल्लो॒कात्क॑त॒मस्याः॑ पृथि॒व्याः । व॒त्सौ वि॒राजः॑ सलि॒लादुदै॑तां॒ तौ त्वा॑ पृच्छामि कत॒रेण॑ दु॒ग्धा ॥ (१)

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अथर्ववेद मन्त्र 8.9.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

विराट्‌ के दोनों वत्स कहां से उत्पन्न हुए? उन में से एक किसी लोक से उत्पन्न हुआ. उन में से पृथ्वी से कौन सा वत्स उत्पन्न हुआ? विराट्‌ के दोनों वत्स जल से निकले. मैं तुम से पूछता हूं कि तुम ने इन्हें किस प्रकार समझा है. (१)

EN English Translation

Where did virat's two vatsa originate? One of them originated from some folk. Which of them originated from the earth? Both of Virat's vats came out of the water. I ask you how you have understood them. (1)

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