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8.9.5
बृ॑ह॒ती परि॒ मात्रा॑या मा॒तुर्मात्राधि॒ निर्मि॑ता । मा॒या ह॑ जज्ञे मा॒याया॑ मा॒याया॒ मात॑ली॒ परि॑ ॥ (५)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
अथर्ववेद मन्त्र 8.9.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
बृहती मात्राओं अर्थात् पंचतन्मात्राओं से बढ़ कर है, क्योंकि पंच तन्मात्राएं अपनी माता प्रकृति से जन्मती हैं. ये माया से ही उत्पन्न हुई. इस प्रकार मातली माया से महान है. (५)
EN English Translation
The greater quantities i.e. panchatanmatras, because the five tanmatras are born from their mother nature. It originated from Maya. Thus Matli is greater than Maya. (5)