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अथर्ववेद

Kanda 9 • Sukta 1 • Mantra 16

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 9 • सूक्त 1 • मन्त्र 16

9.1.16

Mantra ID: 9.1.16

यथा॒ मधु॑ मधु॒कृतः॑ सं॒भर॑न्ति॒ मधा॒वधि॑ । ए॒वा मे॑ अश्विना॒ वर्च॑ आ॒त्मनि॑ ध्रियताम् ॥ (१६)

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अथर्ववेद मन्त्र 9.1.16 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जैसे मधु एकत्र करने वाले मुझ पर मधु गिराते हैं, उसी प्रकार अश्विनीकुमार मुझ में तेज को स्थापित करें. (१६)

EN English Translation

Just as the honey collectors drop honey on me, so Ashwinikumar should install tej in me. (16)

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