Popular:
अथर्ववेद

Kanda 9 • Sukta 1 • Mantra 19

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 9 • सूक्त 1 • मन्त्र 19

9.1.19

Mantra ID: 9.1.19

अश्वि॑ना सार॒घेण॑ मा॒ मधु॑नाङ्क्तं शुभस्पती । यथा॒ वर्च॑स्वतीं॒ वाच॑मा॒वदा॑नि॒ जनाँ॒ अनु॑ ॥ (१९)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 9.1.19 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शोभा के लिए स्वर्ण के आभूषण धारण करने वाले अश्चिनीकुमारो! तुम मुझे मधुमक्खियों द्वारा एकत्र किए गए मधु से युक्त करो, जिस से मैं मनुष्यों के प्रति ओजपूर्ण वाणी का उच्चारण कर सकूं. (१९)

EN English Translation

O Ashchinikumaro who holds gold ornaments for shobha! You fill me with honey collected by bees, so that I may utter a loud voice to men. (19)

卐 HinduText AI