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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 106 • Mantra / Rik 10

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 106 • ऋचा / मन्त्र 10

10.106.10

Mantra ID: 10.106.10

आ॒र॒ङ्ग॒रेव॒ मध्वेर॑येथे सार॒घेव॒ गवि॑ नी॒चीन॑बारे । की॒नारे॑व॒ स्वेद॑मासिष्विदा॒ना क्षामे॑वो॒र्जा सू॑यव॒सात्स॑चेथे ॥ (१०)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.106.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अश्विनीकुमार! गूंजती हुई मधुमव्खियां जिस प्रकार छत्ते में शहद भरती हैं, उसी प्रकार तुम गायों के थनों में दूध भरो. तुम मजदूरों के समान पसीने से भीग जाओ तथा चरागाह में आहार पाने वाली दुबली गाय के समान यज्ञ में अपना आहार प्राप्त करो. (१०)

EN English Translation

O Ashwinikumar! Just as the buzzing bees fill honey in the hive, so you fill the cows' trunks with milk. You get drenched in sweat like the labourers and get your food in the yagna like a lean cow that feeds in the pasture. (10)

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