Popular:
ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 135 • Mantra / Rik 5

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 135 • ऋचा / मन्त्र 5

10.135.5

Mantra ID: 10.135.5

कः कु॑मा॒रम॑जनय॒द्रथं॒ को निर॑वर्तयत् । कः स्वि॒त्तद॒द्य नो॑ ब्रूयादनु॒देयी॒ यथाभ॑वत् ॥ (५)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 10.135.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

“इस बालक को किसने जन्म दिया एवं इस रथ को किसने यहां भेजा?” आज मुझे यह बात कौन बताएगा कि इसे किस प्रकार उपदेश देकर लौटाया जाए? (५)

EN English Translation

"Who gave birth to this child and who sent this chariot here?" Who will tell me today how to return it with a sermon? (5)

卐 HinduText AI