Popular:
ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 18 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 18 • ऋचा / मन्त्र 9

10.18.9

Mantra ID: 10.18.9

धनु॒र्हस्ता॑दा॒ददा॑नो मृ॒तस्या॒स्मे क्ष॒त्राय॒ वर्च॑से॒ बला॑य । अत्रै॒व त्वमि॒ह व॒यं सु॒वीरा॒ विश्वाः॒ स्पृधो॑ अ॒भिमा॑तीर्जयेम ॥ (९)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 10.18.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मैं प्रजारक्षण, तेज और बलप्राप्ति के लिए मरे हुए क्षत्रिय के हाथ से धनुष लेकर कह रहा हूं. हे मृत व्यक्ति! तुम यहीं रहो. हम शोभन संतान वाले होकर इस लोक में सब शत्रुओं को जीतें. (९)

EN English Translation

I am saying by taking a bow from the hand of the dead Kshatriya for protection, speed and strength. O dead person! You stay here. Let us be the children of adornment and conquer all the enemies in this world. (9)

卐 HinduText AI