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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 188 • Mantra / Rik 1

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 188 • ऋचा / मन्त्र 1

10.188.1

Mantra ID: 10.188.1

प्र नू॒नं जा॒तवे॑दस॒मश्वं॑ हिनोत वा॒जिन॑म् । इ॒दं नो॑ ब॒र्हिरा॒सदे॑ ॥ (१)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.188.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे ऋत्विजो एवं यजमानो! ज्ञानी, व्याप्त एवं अन्न वाले अग्नि को कुशों पर बैठने के लिए बुलाओ. (१)

EN English Translation

O Ritvizzo and hosts! Call the wise, pervasive and grained agni to sit on the cushions. (1)

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