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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 24 • Mantra / Rik 1

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 24 • ऋचा / मन्त्र 1

10.24.1

Mantra ID: 10.24.1

इन्द्र॒ सोम॑मि॒मं पि॑ब॒ मधु॑मन्तं च॒मू सु॒तम् । अ॒स्मे र॒यिं नि धा॑रय॒ वि वो॒ मदे॑ सह॒स्रिणं॑ पुरूवसो॒ विव॑क्षसे ॥ (१)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.24.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! पत्थरों से कुचलकर निचोड़ा हुआ यह मधुर सोमरस पिओ. हे अधिक धन वाले तथा महान्‌ इंद्र! सोमरस का अधिक नशा होने पर तुम हजारों धन दो. (१)

EN English Translation

O Indra! Drink this sweet somras crushed with stones. O rich and great Indra! You give thousands of money when you are more intoxicated by somras. (1)

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