Popular:
ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 34 • Mantra / Rik 14

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 34 • ऋचा / मन्त्र 14

10.34.14

Mantra ID: 10.34.14

मि॒त्रं कृ॑णुध्वं॒ खलु॑ मृ॒ळता॑ नो॒ मा नो॑ घो॒रेण॑ चरता॒भि धृ॒ष्णु । नि वो॒ नु म॒न्युर्वि॑शता॒मरा॑तिर॒न्यो ब॑भ्रू॒णां प्रसि॑तौ॒ न्व॑स्तु ॥ (१४)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 10.34.14 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे पासो! हमें अपना मित्र बना लो एवं हमें सुखी करो. तुम हमारे ऊपर अपने भयंकर तथा असह्य प्रभाव का प्रयोग मत करो. तुम्हारा क्रोध हमारे शत्रुओं में प्रवेश करे. शत्रु तुम पीले रंग वाले पासों के बंधन में शीघ्र आ जावें. (१४)

EN English Translation

Hey Paso! Make us your friends and make us happy. Don't use your terrible and unbearable influence on us. May your anger enter our enemies. Let the enemy come quickly to the bondage of yellow dice. (14)

卐 HinduText AI