Popular:
ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 53 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 53 • ऋचा / मन्त्र 11

10.53.11

Mantra ID: 10.53.11

गर्भे॒ योषा॒मद॑धुर्व॒त्समा॒सन्य॑पी॒च्ये॑न॒ मन॑सो॒त जि॒ह्वया॑ । स वि॒श्वाहा॑ सु॒मना॑ यो॒ग्या अ॒भि सि॑षा॒सनि॑र्वनते का॒र इज्जिति॑म् ॥ (११)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 10.53.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

उन ऋभुओं ने मरी हुई गाय के चमड़े में किसी गाय को धारण किया तथा उस मरी हुई गाय के मुख में बछड़े को रखा. यह कार्य उन्होंने देवत्व की कामना करने वाले मन के द्वारा किया. आवश्यकरूप से सभी दिवसों में उत्तम स्तुतियां ग्रहण करने वाले ऋभुगण शत्रुओं को जीतते हैं. (११)

EN English Translation

The sages wore a cow in the leather of the dead cow and placed the calf in the mouth of the dead cow. He did this work through a mind that wished for divinity. The sages who necessarily receive the best praises on all the days conquer the enemies. (11)

卐 HinduText AI