Popular:
ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 6 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 6 • ऋचा / मन्त्र 6

10.6.6

Mantra ID: 10.6.6

सं यस्मि॒न्विश्वा॒ वसू॑नि ज॒ग्मुर्वाजे॒ नाश्वाः॒ सप्ती॑वन्त॒ एवैः॑ । अ॒स्मे ऊ॒तीरिन्द्र॑वाततमा अर्वाची॒ना अ॑ग्न॒ आ कृ॑णुष्व ॥ (६)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 10.6.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! शीघ्रगामी अश्व जिस प्रकार संग्राम में एकत्र होते हैं, उसी प्रकार सभी संपत्तियां तुम में मिलती हैं. हे अग्नि! तुम इंद्र के रक्षासाधनों को हमारे अभिमुख करो. (६)

EN English Translation

O agni! Just as the early horses gather in the battle, so all the possessions are found in you. O agni! You direct us to indra's defense tools. (6)

卐 HinduText AI