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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 65 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 65 • ऋचा / मन्त्र 11

10.65.11

Mantra ID: 10.65.11

ब्रह्म॒ गामश्वं॑ ज॒नय॑न्त॒ ओष॑धी॒र्वन॒स्पती॑न्पृथि॒वीं पर्व॑ताँ अ॒पः । सूर्यं॑ दि॒वि रो॒हय॑न्तः सु॒दान॑व॒ आर्या॑ व्र॒ता वि॑सृ॒जन्तो॒ अधि॒ क्षमि॑ ॥ (११)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.65.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

देवों ने अन्न, गाय, घोड़े, वृक्षों, वनस्पतियों, पृथ्वी, पर्वतों और जलों को उत्पन्न किया है एवं सूर्य को आकाश में चढ़ाया है. शोभन दान वाले देवों ने धरती पर उत्तम कार्य किए हैं. (११)

EN English Translation

The gods have produced food, cows, horses, trees, vegetation, earth, mountains and water and offered the sun to the sky. The gods with shobhan donation have done excellent work on earth. (11)

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