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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 66 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 66 • ऋचा / मन्त्र 11

10.66.11

Mantra ID: 10.66.11

स॒मु॒द्रः सिन्धू॒ रजो॑ अ॒न्तरि॑क्षम॒ज एक॑पात्तनयि॒त्नुर॑र्ण॒वः । अहि॑र्बु॒ध्न्यः॑ श‍ृणव॒द्वचां॑सि मे॒ विश्वे॑ दे॒वास॑ उ॒त सू॒रयो॒ मम॑ ॥ (११)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.66.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सागर, सरिता, धूल से भरी धरती, अंतरिक्ष, अजएकपात्‌, गरजने वाला मेघ और अहिर्बुष्य मेरी पुकार सुनें. सभी देव एवं विद्धान्‌ मेरी स्तुति सुनें. (११)

EN English Translation

Listen to my call to the sea, the stream, the dust-filled earth, the space, the ajakapat, the roaring cloud and the ahirbushya. All gods and scholars hear my praise. (11)

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