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10.8.9
भूरीदिन्द्र॑ उ॒दिन॑क्षन्त॒मोजोऽवा॑भिन॒त्सत्प॑ति॒र्मन्य॑मानम् । त्वा॒ष्ट्रस्य॑ चिद्वि॒श्वरू॑पस्य॒ गोना॑माचक्रा॒णस्त्रीणि॑ शी॒र्षा परा॑ वर्क् ॥ (९)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.8.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
सज्जनों के पालक इंद्र ने स्वयं को शूर मानने वाले एवं अतिरिक्त तेज धारण करने वाले त्वष्टापुत्र को मार डाला. इंद्र ने त्वष्टा के पुत्र विश्वरूप की गायों को बुलाते हुए उसके तीन सिरों को काट दिया. (९)
EN English Translation
The gentleman's foster, Indra, killed the son of the Tvashta who considered himself to be brave and extra sharp. Indra called the cows of Vishwarup, the son of Tvashta, and cut off his three ends. (9)