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10.97.6
यत्रौष॑धीः स॒मग्म॑त॒ राजा॑नः॒ समि॑ताविव । विप्रः॒ स उ॑च्यते भि॒षग्र॑क्षो॒हामी॑व॒चात॑नः ॥ (६)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.97.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
युद्ध में एकत्र होने वाले राजा लोगों के समान जिस व्यक्ति के पास सभी ओषधियां होती हैं, उसे ब्राह्मण या भिषक् कहते हैं. वह रोगों का नाश करता है. (६)
EN English Translation
Like the kings who gather in war, the person who has all the herbs is called a Brahmin or a bhishka. He destroys diseases. (6)