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ऋग्वेद

Mandal 2 • Sukta 28 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 2 • सूक्त 28 • ऋचा / मन्त्र 11

2.28.11

Mantra ID: 2.28.11

माहं म॒घोनो॑ वरुण प्रि॒यस्य॑ भूरि॒दाव्न॒ आ वि॑दं॒ शून॑मा॒पेः । मा रा॒यो रा॑जन्सु॒यमा॒दव॑ स्थां बृ॒हद्व॑देम वि॒दथे॑ सु॒वीराः॑ ॥ (११)

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ऋग्वेद मन्त्र 2.28.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे वरुण! मुझे किसी धनी एवं दानी पुरुष के सामने अपनी निर्धनता न बतानी पड़े. हे राजन्‌! मेरे पास जीवन के लिए आवश्यक धन की कमी न हो. हम शोभन पुत्र-पौत्रों को प्राप्त करके इस यज्ञ में बहुत सी स्तुतियां करेंगे. (११)

EN English Translation

Hey Varun! I don't have to tell my poverty in front of a rich and charitable man. Oh, King! I don't lack the money I need for life. We will receive shobhan's sons and grandsons and do many praises in this yajna. (11)

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