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3.51.8
स वा॑वशा॒न इ॒ह पा॑हि॒ सोमं॑ म॒रुद्भि॑रिन्द्र॒ सखि॑भिः सु॒तं नः॑ । जा॒तं यत्त्वा॒ परि॑ दे॒वा अभू॑षन्म॒हे भरा॑य पुरुहूत॒ विश्वे॑ ॥ (८)
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ऋग्वेद मन्त्र 3.51.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे इंद्र! सोमरस पीने की अभिलाषा करते हुए तुम अपने मित्र मरुतों के साथ इस यज्ञ में आओ एवं हमारे द्वारा निचोड़ा गया सोम पिओ. हे बहुतों द्वारा बुलाए गए इंद्र! तुम्हारे जन्म लेते ही सब देवों ने तुम्हें महान् युद्ध के लिए विभूषित किया. (८)
EN English Translation
O Indra! Wishing to drink somras, you come to this yagna with your friend Maruts and drink the soma we have squeezed out. O Indra called by many! As soon as you were born, all the gods distinguished you for the great war. (8)